kavita

asato ma sadgamaya

139 Posts

14223 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2387 postid : 592585

क्य��� हिंदी सम्मानजनक भाषा के रूप में मुख्य धा���ा में लाई जा सकती है? अगर हां, तो किस प्रकार? अगर नहीं, तो क्यों नहीं?......contest

Posted On: 5 Sep, 2013 Contest में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

लार्ड मैकाले ने कहा था की जब तक संस्कृत����� और भाषा के स्तर पर गुलाम नहीं बनाया जाएगा, भ���रतवर्ष को हमेशा के लिए या पूरी तरह, गुल���म बनाना संभव ���हीं होगा��� प्रोत्���ाहन स्व���ुप उन्होंने अंग्रेजी के जानकार लोगों को ऊंचे पद पर बैठाया | और आजतक हम इस गुलामी से अपने आप छुड़ा नहीं पाए | यही कारण है हिंदी को सम्मानजनक भाष��� के रूप में ���्���ीकारा नहीं गया |
ह���न्द��� जैसा की नाम से ही ज्ञात होता है हिन्दुस्तान म���ं र���ने वाल��� नि������सियों ���ी प�����चा��� ������। इससे इसके अस्ति���्व को नकारा नहीं जा सकता है। भारत बहु भाषीय देश हैं। इन सबके बीच हिन्दी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा ���ै��� विश्व में तीसरा स्थान प्राप्त है। आज़ादी के समय में इसकी सशक्त भूमिका थी। इसी भाषा के कारण पूरा देश एक धागे में पिरोया गया था। इसने ही देशवासियों को जोड़ा और आज़ादी की मशाल को जलाया थ���। भारत जैसे देश में जहाँ ���र कदम पर भाषा बदल जाती है हिन्दी वहाँ पर संबंध बनाने में सहायक है।
कभी जा���े माने पत���रक���र श्री खुशवंत सिंह ने हिं���ी को ‘ गरीब भाषा’ कहा था | पर आज ये कहना पूरी त���ह से गलत ह���गा क��� हिंदी क����� महत्व घट ग���ा है | ���िश्व क��� सबसे अधिक जन���ँख्या वाले देश का राष्ट्रभाषा यदि हिंदी है तो अपन��� आप ही हिंदी सबसे प्रचलित भाषाओँ की श्रेण��� में आ जाती है | ऐसे मे��� ये शंका ही क्षीण पद जा���ा है की क्या हिंदी सम्मानजनक भाषा के रूप में मुख्य धारा में लाई जा सकती है?

अनुवाद और संवाद एक ऐसा सशक्त म���ध्यम है जिसके तहत हम हिदी को शीर्ष स्थान पर ले जा सकते है | विदेशी साहित्य के अनुवाद से विदेशियो��� में हिंदी के प्रति रूचि बढ़े���ी और ���स ���रह उनसे संवाद स���था���ित कर हिंदी को अंत���्राष्ट्�����ीय स्तर ���र लाना आसान हो जाएगा और अब तो आभासी दुनिय��� म�����ं हिंदी लिखना व पढन��� दोनों आसान हो गया ���ै | दे���नागरी लिपि को कम्पूटर क��� लिए सर्वाधिक उपयुक्त ���ाषा मान��� जाने लगा है | ���ब हिंदी की दुनिया केवल किता���ों में सिमटकर नहीं रह गय��� है | गर कही��� ���मी ������ तो सोच को ���दलने की | जबतक हम अपने राष्ट्र भाषा के ���्र���ो��� पर गौरवान्वित नहीं महसूस करेंगे हन्दी को मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास वृथा है |

आज के बाजारवाद युग में केवल आदर्शो��� पर चलकर कुछ भी सम्भव नहीं | अतः हिंदी को जनभाषा �����ी नहीं अंतर्राष्ट्रीय तौर पर विस्तार देना ���रम आवश्यक हो गय��� ह��� | हमारी युवा पीढ़ी को हिन्���ी ���ोलना और ���िन�����दी बोलने वाले लोग ���आउटडेटेड’ लगने लगे ���ैं। कारण दे��� के बाहर इस भाषा का कोई ���िस्तार नहीं ह��� जबकि हिंदी में अंत���्राष्ट्रीय ���ाषा बनने के सारे गुण मौजूद है | हम���ं हिंदी को उपेक���षित भाषा व हिंदी भाष���यों को ‘आउटडेटेड’ न ���हा ���ाय इसके लिए हर सम्भव प्रयास करना होगा | हिंदी जैसे वैज्ञानिक भा���ा को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर लाने की देर है हिंदी अपने आप ही मुख्य धारा में बहने लगेगी |
स्वतंत्रता संग्राम का ए��� दौर वो भी था जब हिन्दी भा���ा में ही द���शभक्ति की अलख जगाई गई थी | आ��� भी देश के बड़े बड़े आन���दोल���ों मे��� हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया ज�����ता ���ै |

ये तो एक भ्रान्ति फैलाई जाती है की हि���्दुस्तान क��� ल���ग ही हिन्दी से दूरी र���ने लगे हैं।अ���र सरकार वोटों की राजनीति छोड़ दे �����ो ���ूरे दे��� भर में हिंदी का वर्चस्व आज भी है और कल भी रहेगा |निज भाषा उन्नति के लिए जो कुछ भी हम करेंगे उससे हमारी भी उन्न���ि होगी । हिंदी दुनिया की सबसे बड़ भाषा है, इसकी उन्नति के साथ ही हमारी प्रगति जुड़ी है । आइए हम सब मिल कर ���िंदी के विकास के लिए कार्य करें । साहित���यकार भारतें���ु हर���श्चंद ज��� ने कह��� था ….

“निजु भ���षा उन्नत��� अहे ,सब उन्नति के मूल
बिनु निजु भाषा ज्ञ���न के , �����िटे न हिय के शूल”

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

40 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Connie के द्वारा
July 12, 2016

That kind of thniikng shows you’re an expert

ushataneja के द्वारा
September 8, 2013

बहुत बढ़िया प्रस्तुति!

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    धन्यवाद्

jlsingh के द्वारा
September 8, 2013

भारतेंदु हरिश्चन्द्र के विचार आज भी प्रासंगिक है और हम सबको उस पर चलकर दिखाना होगा … श्रेष्ठ विचारों के साथ आपके महत्वपूर्ण आलेख के लिए बधाई आदरणीया अनामिका जी.

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    इनकी श्रेष्ठता इनकी लेखनी से ही झलकती है ……पधारने के लिए शुक्रिया

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
September 8, 2013

अनामिका जी, सादर !…आप ने बिलकुल सही कहा कि ज़रूरत सोंच को बदलने की ! हार्दिक आभार !

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    अप सब की सहमती आवश्यक है……शुक्रिया

Durgesh Kumar के द्वारा
September 8, 2013

अनामिका जी आपने अपने ब्लॉग में ये अच्छी तरह बताया है की हिंदी की कितनी आवश्यकता है पर आपने ये नहीं बताया की हिंदी को मुख्य धारा में कैसे ला सकते है ……

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    आपने उचित कहा ….इसमें सुधर की आवश्यकता है …..धन्यवाद्

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    हालाँकि सोच बदलने की बात मैंने कही है

    Lucy के द्वारा
    July 12, 2016

    I am hoping to travel to Puyang City to adopt my son. He would have been at the orghanape when you visited with Hannah. He was born December 2, 2010. I have not received an update on him since he was 8 months old. He would have been 10 months I think when you were there. His name is Pu. Maybe you saw him? I am thankful for your posts and pictures. It gives me an idea of what his current life may be like. Please write to me if get a moment.

Bhagwan Babu के द्वारा
September 8, 2013

बहुत ही सुन्दर और अर्थपूर्ण लेख दिया आपने इस मंच पर… आपको बधाई…. इस विषय पर मेरा भी लेख है… उस अपने विचार प्रकट कर मार्गदर्शन कीजिए….

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    तहे दिल से शुक्रिया

Pradeep Kesarwani के द्वारा
September 8, 2013

आपकी बातों से सहमत हूँ…. देखिये आगे क्या होता हैं सुंदर लेख के लिए बधाई !!

    anamika के द्वारा
    September 8, 2013

    धन्यवाद्…..अन्य ब्लॉग पोस्ट पर भी पधारें

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
September 7, 2013

अनामिका नही आप मध्यमा सी सबल विचार वाली विचारशील हो ,,,,,,आगे क्या होगा ,,,,ओम शांति शांति शांति कहते  हिंदी को अपने आधुनिक रूप  ग्रहण करते देखो ,,,,,

    anamika के द्वारा
    September 7, 2013

    मुझे पूरा विश्वास है की …….हम होंगे कामयाब

    Lorraine के द्वारा
    July 12, 2016

    At last! Someone with real exptseire gives us the answer. Thanks!


topic of the week



latest from jagran