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आँखों से नींदे बहे रे

Posted On: 6 Jul, 2012 कविता में

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आँखों से नींदे बहे रे
सप�����������������े ������������� क��� ����������े रे
महल सुनहरे ख्वाब का
बना ले नींद-ए-जहां में

.

हवा में उड़े है वो सारे
नींदों में बसा जो सपना
क़ैद ख्वाबगाह में कर ले
हो जायेगा वो अपना

.

समय से परे कहीं पर
सजा ले जहां वहीँ पर
जमीं पर ख्वाब गिरे तो
दरक न जाये हसीं पल ।।

.

आँखों के नींद कहे रे
चुप���े से सुन सजन रे
सुरों में ढले जो सपने
जहां सारा सुने रे ।।

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36 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shermaine के द्वारा
July 12, 2016

Iniedrcble! This blog looks just like my old one! It’s on a totally different topic but it has pretty much the same layout and design. Excellent choice of colors!

Maryland के द्वारा
July 12, 2016

That’s more than senilbse! That’s a great post!

yogi sarswat के द्वारा
July 9, 2012

समय से परे कहीं पर सजा ले जहां वहीँ पर जमीं पर ख्वाब गिरे तो दरक न जाये हसीं पल ।। बहुत खूब अनामिका जी , बहुत सुन्दर पंक्तियाँ !

Chandan rai के द्वारा
July 8, 2012

अनामिका जी , समय से परे कहीं पर सजा ले जहां वहीँ पर जमीं पर ख्वाब गिरे तो दरक न जाये हसीं पल सुन्दर रचना !

rekhafbd के द्वारा
July 8, 2012

अनामिका जी हवा में उड़े है वो सारे नींदों में बसा जो सपना क़ैद ख्वाबगाह में कर ले हो जायेगा वो अपना,सुंदर अभिव्यक्ति ,बधाई .

akraktale के द्वारा
July 8, 2012

अनामिका जी सादर, समय से परे कहीं पर सजा ले जहां वहीँ पर जमीं पर ख्वाब गिरे तो दरक न जाये हसीं पल ।। सुन्दर रचना और ये पंक्तियाँ तो लाजवाब हैं. बधाई.

shashibhushan1959 के द्वारा
July 6, 2012

आदरणीय अनामिका जी, सादर ! “”समय से परे कहीं पर सजा ले जहां वहीँ पर जमीं पर ख्वाब गिरे तो दरक न जाये हसीं पल ।।”" आदरणीय यमुना जी ने ठीक कहा है, रचना सुन्दर और भावपूर्ण है ! सादर !

    jlsingh के द्वारा
    July 7, 2012

    इतनी अच्छी पंक्तियों के लिए बधाई तो बनती ही है न!

    Carlynda के द्वारा
    July 12, 2016

    There’s one big problem with your Cincinnati chili – you NEVER twirl the sp!htegti!!a!! You must CUT the spaghetti with the layers. And while you show it in the picture – the key is having a 5 inch mound of the cheese on top – otherwise – it’s just doesn’t taste right! hahaThanks for spreading the word about our delicacy!

yamunapathak के द्वारा
July 6, 2012

इन पंक्तियों को गीत संगीत में पिरोकर सुर दिया जाए ये इतनी खुबसूरत बन गयी हैं धन्यवाद अनामिका जी


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