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आँखों की भाषा

Posted On: 6 Oct, 2011 में

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आँखों की भाषा पढना सीखो
खामोशी को चुपके से सुनना सीखो
शब्द बिना बोले लब से
जुबां की भाषा समझना सीखो

सुनो गुनगुनाती हवा को
सन सन सन सन कहती है क्या
शब्दों की मद्धिम आहट सुनकर
क़दमों को पहचानना सीखो

छूना न ठहरे पानी को
इक इक लम्हा गिर जाएगा
चटक जायेंगी गहराइयां
ग़म का प्याला दरक जाएगा

जुबां तुम न खोलो पिया
आँखों से खोलो जिया
नयनों के अश्कों की
भाषा को समझना सीखो

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531 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

atharvavedamanoj के द्वारा
October 7, 2011

आदरणीय अनामिका जी, सादर वंदे मातरम| आँखों की इस वैखरी को सुनने के लिए जिस भूमा की आवश्यकता होती है…वह अन्नमय कोष की माया में ही लिपटे जंतुओं को शायद ही कभी सुनाई पड़ सके…हमारे आदर्श श्री जयशंकर प्रसाद जी ने अपने नाविक से इसी की तो फ़रियाद की थी ….ले चल मुझे भुलावा देकर मेरे नाविक धीरे धीरे|सुन्दर कविता…जय भारत, जय भारती|

    anamika के द्वारा
    October 7, 2011

    आपने कविता को सराहा इसके लिए धन्यवाद …..आपकी टिपण्णी में भाषाप्रवाह देखते ही बनता है ….उम्दा

sadhana thakur के द्वारा
October 7, 2011

अच्छी रचना अनामिका जी ..दशहरा की शुभकामनाये ..

surendra shukla bhramar5 के द्वारा
October 7, 2011

हाँ अनामिका जी ये आँखों की भाषा समझना बहुत जरुरी हो गया है आज …ये सब कुछ बता देती हैं प्यार इजहार क्रोध घृणा और शरारत …..सुन्दर भाव रचना के ….विजय दशमी की हार्दिक शुभ कामनाये आप और सब को भी जुबां तुम न खोलो पिया आँखों से खोलो जिया भ्रमर ५

    anamika के द्वारा
    October 7, 2011

    आपका बहुत बहुत धन्यवाद

    Tassilyn के द्वारा
    July 12, 2016

    The US run by internationl banking corporation, they care about American people less.Now they provoke Iran & coolition to attack US, to open WWIII.Get it clear, people!!!They did it on Pear Harbor – provoked Japan in all possible ways to attack – to get America in WWII.Wake up AmreTcans!ihey make Iran to hit US teritory by nucs.We need to prevent this. The Only man who didn’t sell himslf off for the creasy rulling systemExplain it to the people around you! PLEASE!

anamika के द्वारा
October 7, 2011

सभी पाठकों को बहुत बहुत धन्यवाद …..व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं

sumandubey के द्वारा
October 7, 2011

अनामिका जी नमस्कार सुन्दर भावो से सजी रचना .

abodhbaalak के द्वारा
October 7, 2011

अनामिका जी सीखना तो जीवन भर लगा रहता है पर आपने जिन बातों को ……. सुन्दर रचना , http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    anamika के द्वारा
    October 7, 2011

    धन्यवाद …माफ़ी चाहूंगी आपके अधूरे वाक्य को मैं समझ नही पाई

Abdul Rashid के द्वारा
October 7, 2011

आदरणीय अनामिका जी नमस्कार सुन्दर रचना http://singrauli.jagranjunction.com

    Destrey के द्वारा
    July 12, 2016

    Congrats on the one-year mark and for conureqing the fear of sharing your writing. No small feats, for sure. People want to return to your blog, because your content is great.

Santosh Kumar के द्वारा
October 7, 2011

आदरणीय अनामिका जी ,…मनोभावों की बहुत बढ़िया प्रस्तुति ,..बधाई http://santo1979.jagranjunction.com/

Dr.KAILASH DWIVEDI के द्वारा
October 6, 2011

आदरणीया अनामिका जी , सादर अभिवादन ! आँखें तो मन का दर्पण कही जाती हैं , मन के भाव सहज ही आँखों में उतर आते हैं | बहुत सुन्दर भावयुक्त रचना ……… बधाई ! आँखों की भाषा पढना सीखो खामोशी को चुपके से सुनना सीखो शब्द बिना बोले लब से जुबां की भाषा समझना सीखो

    anamika के द्वारा
    October 7, 2011

    आपका बहुत बहुत शुक्रिया


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