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कवि की नायिका तू अति सुन्दर

Posted On: 31 Aug, 2010 में

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अधर सुन्दर
वदन सुन्दर
नयन सुन्दर
हँसी सुन्दर
ह्रदय सुन्दर
गमन सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
————————
वचन सुन्दर
चरिता सुन्दर
वसन सुन्दर
करवट सुन्दर
चलना सुन्दर
भ्रमण सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
————————-
नृत्य सुन्दर
गीत सुन्दर
भोजन सुन्दर
शयन सुन्दर
रूप सुन्दर
तिलक सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
—————————
गुंजन सुन्दर
माला सुन्दर
पुष्प सुन्दर
कंटक सुन्दर
अंजलि सुन्दर
ये पग सुन्दर
कवि की नायिका तू
अति सुन्दर
—————————

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161 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Kalie के द्वारा
July 12, 2016

Felt so hopeless looking for answers to my qutnsiont…useil now.

bhagat के द्वारा
July 25, 2012

वाह!

Ramesh bajpai के द्वारा
September 1, 2010

आपकी कविता स्वयं सुन्दर .

    Kiona के द्वारा
    July 12, 2016

    I’m rellay into it, thanks for this great stuff!

Amit kr. pandey के द्वारा
September 1, 2010

aapki kavita madhuraashtakam se prerit pratit hoti hai.

    anamika ghatak के द्वारा
    September 1, 2010

    मैंने मधुराष्टकं तो पढ़ा नहीं पर मैंने नखशिख वर्णन जरूर पढ़ा है जो की सूरदास जी ने भगवती राधा के लिए लिखा था , औए प्रेरणा स्रोत भी वही है

    Susy के द्वारा
    July 12, 2016

    Short, sweet, to the point, FRlxceEa-tEy as information should be!

nikhil के द्वारा
August 31, 2010

शब्द सुन्दर .. लय सुन्दर .. गति सुन्दर अंत सुन्दर .. कवि..ये तेरी कविता ..अति सुन्दर अति सुन्दर .. अनामिका जी एक बात कहूँगा ..कविता की जयादा जानकारी नहीं है..इसलिए सभी कविताओ पर कमेन्ट नहीं करता हु.. सिर्फ एक बात कहना चाहूँगा जिससे सभी लोग सहमत होंगे की.. कभी कभी कोई ऐसी ही रचना सामने आ जाती है… जो मन की थकान ,उलझन , सब दूर करके.. ताजगी सी भर जाती है ..और जब पाठक को ऐसा महसूस हो तो समाज लीजिये की कवि और उसकी कविता दोनों सार्थक हो गए… श्रृंगार की रचनाओं की यही खूबी होती है .. आपकी कविता ऐसी ही है..बहुत सामान्य शब्दों में चारो तरफ सुन्दरता बिखेरती .. बहुत सुन्दर…. शुभकामनाये

    Carli के द्वारा
    July 12, 2016

    Hi, I cannot seem to see the link where I can suggest my page to my fredins. There is the build audience tab but under i can only invite friends by email. What am I doing wrong? Please help!

swatantranitin के द्वारा
August 31, 2010

अनामिका जी कितना अच्छा चित्रण किया है आपने सभी चीजो का इसलिए दिल से एक ही आवाज आती है आपकी कविता है- अति सुन्दर |

Aakash Tiwaari के द्वारा
August 31, 2010

अच्छी रचना पर बधाई .. आकाश तिवारी

आर.एन. शाही के द्वारा
August 31, 2010

आपने सर्वांग सुन्दरी का बेहतरीन चित्रण किया अनामिका जी, बधाई ।


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